समस्तीपुर : समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड के हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन के निकट शकरपुरा 2C गुमटी पर टायरगाड़ी के ट्रेन से टकराने पर पांच की मौत,तीन जख्मी

अपडेट  : समस्तीपुर 16 जनवरी 2020
रिपोर्ट-एस.यादव

गुमटी के गेटमेन की लापरवाही से गयी पांच जानें,टायरगाडी़ के जुआ से झटका खाने के बाद एक के बाद एक चलती ट्रेन से गिरते चले गए लोग.

मृतकों में हसनपुर गांव के विश्व विजय प्रसाद के पुत्र कंचन कुमार सिंह,हसनपुर चीनी मील अस्पताल के कंपाउंडर सुधीर कुमार मुन्ना के पुत्र प्रवीण कुमार,रोसडा़ लक्ष्मीपुर निवासी अरूण महतो का पुत्र सोनू कुमार तथा बेगूसराय खोदावंदपुर के रामबाबू राय शामिल हैं जबकि एक की शिनाख़्त नहीं हो पायी.

हसनपुर(समस्तीपुर):-रेल प्रशासन संरक्षा व सुरक्षा को लेकर लोगों में जन जागरूकता अभियान चलाती है,कर्मियों को इसका पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन गुरुवार की दोपहर समस्तीपुर खगड़िया समस्तीपुर सहरसा रेलखंड के हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन अंतर्गत शकरपुरा 2C गुमती पर गेटमैन द्वारा ताक पर रखकर ड्यूटी करने के कारण भीषण रेल हादसा का गवाह बन गया।समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड के शकरपुरा 2C गुमती पर ट्रेन व टायरगाड़ी के टक्कर में पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई,जबकि तीन में से दो की हालत गंभीर है।प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो ईंख लदा टायरगाडी़ महुआ छपकी की ओर से शकरपुरा के रास्ते हसनपुर चीनी मिल जा रहा था।जब गुमती के पास टायरगाड़ी पहुंची तो गेट का दोनों फाटक खुला था जिसके कारण टायरगाड़ी गुमटी पार करने लगी। यह हादसा अपराह्न 3:50 बजे हुआ।गुमटी पर गड्ढे के कारण टायरगाड़ी का अगला भाग ऊपर उठ गया।बताते चलें जिस शकरपुरा रेल गुमटी के पास रह हादसा हुआ वहां रेल विभाग गड्ढा कर छोड़ दिया जिससे प्रायः गुमटी पार करने के दौरान टायरगाड़ी संतुलन खो देती है।ट्रेन को आते देख कर बैल बिदककर भाग खड़ा हुआ जिससे टायरगाडी़ ट्रैक पर फंस गई। इसी बीच समस्तीपुर से सहरसा जाने वाली 63348 डाउन पहुंच गई जो बैलगाड़ी के जुए से टकरा गई ।गुमती से गुजर रही ट्रेन के पायदान तथा दरवाजे पर खड़े लोग झटके के बाद एक के बाद एक चलती ट्रेन से नीचे गिरते चले गए।उन्हें गिरते देख ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई।ट्रेन रुकने की बजाय हसनपुर रोड स्टेशन चली गई।वहीं घटना के बाद गेटमेन गुमती गिराकर फरार हो गया।मृतकों में हसनपुर गांव के विश्व विजय प्रसाद के पुत्र कंचन कुमार सिंह,हसनपुर चीनी मील अस्पताल के कंपाउंडर सुधीर कुमार मुन्ना के पुत्र प्रवीण कुमार,रोसडा़ लक्ष्मीपुर निवासी अरूण महतो का पुत्र सोनू कुमार तथा बेगूसराय खोदावंदपुर के रामबाबू राय शामिल हैं जबकि एक की शिनाख़्त नहीं हो पायी।घायलों में बिथान थाना क्षेत्र के कटौसी निवासी सुहानी कुमारी,सिहमा निवासी सूरज कुमार तथा बखरी निवासी संतोष कुमार है जो इस दुर्घटना में बाल बाल बच गए।सूरज कुमार प्राथमिक उपचार के पश्चात जहाँ अपने घर पहूँचकर गए है वहीं दो अन्य घायलों की स्थिति गंभीर है।

घटना की जानकारी मिलते ही हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर राजाराम पासवान,रेल थानाध्यक्ष संतोष कुमार,हसनपुर बीडीओ दुनिया लाल यादव,सीओ आनंद चंद्र झा, थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौडी़,पुलिस बल के साथ शकरपुरा गुमती पहुंचे तथा राहत तथा बचाव कार्य में लग गए।वहीं स्टेशन मास्टर राजाराम पासवान ने गुमती के लाॅक से चाबी निकालकर जब्त कर लिया।

हादसे में मरने वाले लोगों की लाश रेल लाइन के किनारे जहां तहां बिखरी पड़ी थी।किसी की लाश औंधे मुंह गिरी पड़ी थी तो किसी का सिर के बल।किसी की लाश रेलवे लाइन के किनारे तो किसी की दूर झाडी़ में।इससे लोगों को उनकी पहचान करने में काफी समस्या आई लेकिन पुलिस ने जब एक-एक कर लाश उठाई तब पहचान हो पाई।देर शाम डीआरएम अशोक माहेश्वरी रेलवे के पदाधिकारियों के साथ घटना स्थल पर पहुँच स्थिति का जायजा लिया तथा घटना की जाँच के आदेश दिये।संध्या 7 बजे सभी लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

दुर्घटना से मचा हाहाकार,परिजनों के चित्कार से माहौल गमगीन

हसनपुर शकरपुरा रेलवे गुमटी पर हुई रेल दुर्घटना को याद कर लोग सिहर जाते हैं।गुरूवार का दिन मृतक के परिवारों के लिए काल बन कर आई।झटका लगते ही क्षण भर में देखते ही देखते पांच लोग मौत के मुँह में समा गए।घटना में किसी ने अपना पति तो किसी ने भाई तो किसी ने पुत्र तो किसी ने अपना पिता खोया। घटना के बाद रेलवे गुमटी का माहौल परिजनों की चित्कार से गमगीन हो गया। घटना को सुनकर आमलोग ही नहीं अधिकारी भी दौड़ रहे थे। आसपास के कई गांवों के लोग जुट गए थे।भीड़ में क्या बच्चे, क्या बूढ़े,क्या नौजवान व क्या महिलाएं सभी शामिल थे।घटना पर सभी हतप्रभ थे तथा रेलवे की लापरवाही को कोस रहे थे।सभी का कहना था काश रेलवे फाटक बंद रहता तो आज यह मनहूस क्षण देखने को नहीं मिलता।लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि आए दिन हो रहे रेलवे ट्रैक पर हो रहे दुर्घटना से रेलवे कोई सबक नहीं लिया।रेलवे का सुरक्षा का दावा साफ साफ खोखला दिखाई दे रहा।रेलवे के किनारे जहाँ तहाँ बिखरे शव को देखकर लोगों का रोम रोम सिहर रहा था।शव से लिपट कर रो रहे परिजनों की चित्कार से उपस्थित हर किसी की आंखें भर आयी थी।

दुर्घटना में चीनी मील अस्पताल के कंपाउंडर के पुत्र प्रवीण की भी मौत

हसनपुर चीनी मील अस्पताल के कंपाउंडर सुधीर कुमार मुन्ना एवं किरण देवी के पुत्र प्रवीण कुमार भी इस हादसा का शिकार हो गए।बताया जाता है कि उक्त युवक समस्तीपुर से परीक्षा देकर अपने घर लौट रहा था लेकिन रास्ते में भी वह काल के गाल में समा गए।उसकी मौत की खबर सुनते ही माँ किरण देवी बदहवास और बेसुध पडी़ है जबकि पिता हर आने वाले को करुण और कातर दृष्टि से देखते हुए हतप्रभ है।जिन्हें आस पड़ोस के लोग दिलासा दिला रहे हैं।चीनी मील काॅलनी में इस कारुणिक घटना से सभी शोकाकुल व स्तब्ध है।लोगों के मुँह से शब्द नहीं निकल पा रहे हैं।

ननिहाल आ रहा युवक भी मौत के आगोश में समाया

रोसडा़ प्रखंड के लक्ष्मीपुर निवासी अरूण महतो के पुत्र सोनू कुमार भी इस हादसे में अपनी जान गवां बैठे।वह अपने ननिहाल आ रहा था लेकिन उसकी हसरत महज अधूरी ही रह गयी।इस घटना से उसके घर लक्ष्मीपुर तथा ननिहाल हसनपुर में परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

इस घटना से साफ है कि रेलवे गेटमेन की लापरवाही से यह वीभत्स घटना घटी।लाख टके का सवाल! क्या रेलवे पांचों मृतक की जिंदगी लौटा सकेगी।

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