समस्तीपुर  : गरीबों के लिए वरदान साबित होगा ‘‘माटीकल्प’’ वाटर फ़िल्टर

समस्तीपुर  10 जनवरी 2020

न्यूज़ डेस्क : स्वच्छ जल सुरक्षित जीवन का आधार है लेकिन आज कल के समय में अत्यधिक प्रदुषण एवं अन्य कारणों से जमीन के नीचे का पानी दिन प्रतिदिन अति दूषित होता जा रहा है जिससे लोगो को पीने का साफ़ पानी नहीं मिल पा रहा है । जिसके कारण से तरह तरह की बीमारियाँ फ़ैल रही हैं । इसी परेशानी को दूर करने तथा ग्रामीणों को पीने के लिए स्वच्छ व सुरक्षित पानी के बारे में जागरूकता बढ़ाने एवं उपलब्ध्ता कराने के उद्देश्य से “सहगल फाउंडेशन” के द्वारा भारत सरकार के “विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग” के सहयोग से बिहार के चार जिलों समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्बी चम्पारण व वैशाली के लगभग 500 गाँवों में कार्य कर रहा है ।

बिहार में गरीबों को पीने के लिए शुद्ध व सुरक्षित जल की उपलब्धता हेतु सहगल फाउंडेशन ने भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान (आई० आई० टी०) जोधपुर के साथ मिलकर एक कम लागत का मिट्टी का फ़िल्टर बनाया है जिसे ‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’’ के नाम से जाना जाता है । इस फ़िल्टर को गाँव में रह रहे गरीब लोग आसानी के साथ खरीदकर पीने के लिए शुद्ध व सुरक्षित जल प्राप्त कर सकते है ।

‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’’ मिट्टी से तैयार किया गया फ़िल्टर है जो अशुद्ध अथवा दूषित पानी को फ़िल्टर कर पीने के लिए शुद्ध व सुरक्षित बनाता है, इस फ़िल्टर के द्वारा पानी में मौजूद आयरन, बैक्टीरिया व गंदलापन जैसे तत्वों व जीवाणुओं को कम करके पानी को पीने के लिए शुद्ध व सुरक्षित बनाया जाता है जिससे पानी के द्वारा होने वाली कई तरह की बिमारयों से राहत मिलती है, ‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’ गाँव में रह रहे उन गरीबों के लिए वरदान है जो मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते है लेकिन पीने के लिए दूषित पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि बाजार में महंगे फ़िल्टर का होना व उनके प्रबंधन में समय समय पर खर्च का लगना गरीबो के लिए एक समस्या है ।

‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’’ बिना बिजली के चलने वाला सस्ता वाटर फ़िल्टर है जो एक गरीब को शुद्ध व सुरक्षित पानी पीने के लिए निर्णायक साबित होगा | यह फ़िल्टर ग्राम में रह रहे कुम्हारों के लिए भी एक अच्छा रोजगार का साधन भी है जिसे बनाकर वे लोग गरीबो को उपलब्ध करा रहे है । ‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’’ को बनाने के लिए मिट्टी, लकड़ी का बुरादा व सफ़ेद बालू का प्रयोग किया जाता है । इस फ़िल्टर को एक बिशेष मशीन में रखकर दबाव के द्वारा तैयार किया जाता है फिर उसे सुखाकर भट्ठी में पकाकर प्रयोग में लाया जाता है ।
बिहार में ‘’माटीकल्प वाटर फ़िल्टर’’ के बनाने का कार्य प्रारंभ हो चुका है जो कि समस्तीपुर में पूसा प्रखंड के ग्राम कैजिया बिष्णुपुर में श्यामलाल पंडित व ग्राम कुम्हरा मोरसंड में पप्पू पंडित तथा कल्यानपुर प्रखंड के ग्राम बलभद्रपुर खजुरी में कपिल पंडित व रंगील पंडित के यहाँ पर तैयार किया जा रहा है ।
इस फ़िल्टर की कीमत प्लास्टिक बाल्टी के साथ में 550 रुपये व स्टील की बाल्टी के साथ में 850 रुपये है। अपने

आसपास के खबरों से जुड़े किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए संपर्क करें – 9835638095

Website Design By Mytesta +91 8809666000

Check Also

कोरोना काल मे स्थगित स्नातक तृतीय खण्ड 2020 की परीक्षा सुरु।

🔊 Listen to this कोरोना काल मे स्थगित स्नातक तृतीय खण्ड 2020 की परीक्षा सुरु। …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *