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पूसा में कीट प्रबंधन के लिये कृषि विस्तार प्रणाली के साथ सहभागिता कार्यक्रम में जुटे देश के कई कृषि वैज्ञानिक, किसानों को बताए कीट से बचाव के तरीके – मिथिला सिटी न्यूज़ 

समस्तीपुर 18 सितम्बर 2019

रिपोर्ट : आर के राय/दीपक कुमार।

पूसा/समस्तीपुर : फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप को देखते हुए तुरन्त ही ऐसे कार्यक्रम की जरूरत थी जिसमे वैज्ञानिक और किसान एक प्लेटफार्म पर आकर बात कर सकें। उक्त बातें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने मंगलवार को पूसा के विद्यापति सभागार में अपने  संबोधन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस कीट से बचाव केलिए सामुहिक खेती बेहद महत्वपूर्ण है। मक्के की फसल में कीटनाशक के छिड़काव से पहले फेरोमन ट्रैप एवं लाईट ट्रैप का उपयोग करना चाहिये।

बताते चलें कि विवि परिसर स्थित विद्यापति सभागार में फॉल आर्मी वर्म के एकीकृत कीट प्रबंधन के लिये कृषि विस्तार प्रणाली के साथ सहभागिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। करीब तीन सौ किसान, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, वैज्ञानिको व मीडिया कर्मियों की मौजूदगी और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आरसी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दक्षिण एशिया प्रोद्योगिकी केन्द्र दिल्ली के सलाहकार डॉ. साई दास एवं वैज्ञानिक डॉ. भागीरथ चौधरी ने हिस्सा लिया। स्वागत, सम्मान की औपचारिकता के बाद विवि के कुलपति सहित आगत अतिथियों ने दीप जला कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वीसी डॉ. श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. एमएस कुडू एव सह निदेशक अनुसंधान डॉ. एनके सिंह की इस कार्यक्रम के आयोजन में तत्परता दिखाने के लिए प्रशंसा की। वीसी डॉ. श्रीवास्तव द्वारा कई जिले के आए किसानों के बीच फेरोमैन ट्रैप का वितरण भी किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. भगीरथ चौधरी ने किसानों को फॉल आर्मी वर्म से बचाव के लिये ऐसे दवा व तकनीक के अनुसंधान की जरूरत बताई जिससे मक्के की फसल के किसी हिस्से पर प्रतिकूल प्रभाव नही पड़े। क्योंकि मक्के का हर हिस्सा पशुओं के चारे मे उपयोगी है। डॉ. चौधरी ने किसानों को फसल आर्मी वर्म कीट का मॉडल तथा पोस्टर दिखा कर कीट के जीवन चक्र को समझाने की कोशिश की। साथ ही किसानों को अपना नंबर दिया और कहा कि यदि किसान को मक्के मे फॉल आर्मी वर्म कीड़े से संबंधित किसी जानकारी या सलाह केलिए 9999851051 पर कॉल कर सकते है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. दास सहित विश्वविद्यालय के मक्का वैज्ञानिक डॉ. मृत्यूंजय सिंह एवं अन्य विशेषज्ञों ने किसानों को कीट प्रबंधन के महत्वपूर्ण गुर सिखाये।

मौके पर संकायाध्यक्ष कृषि डॉ. केएम सिंह, सूचना पदाधिकारी डॉ. राज्यवर्धन, पंडित दीन दयाल उपाध्याय बागवानी कालेज के डीन डॉ० कृष्ण कुमार, कृषि अभियंत्रण संकायाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार, समेत कई अन्य निदेशक अधिष्ठाता, वैज्ञानिक के अलावा कई मीडिया भी उपस्थित थे।

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